श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग "पश्चिमी सिन्धु तट के पावन दारुकावन में, ज्योतिस्वरूप भगवान नागेश्वर ज्योतिर्लिंग साक्षात शिवत्व की दिव्य आभा बिखेर रहे हैं। कंठ में नागराज और भाल पर बालचंद्र को धारण किए वे सृष्टि के समस्त विष का शमन करते हैं। भक्त सुप्रिय के तप से प्रकटे ये करुणासिंधु, काल के भय को हरकर जीव को अनंत शांति और अभय प्रदान करते हैं।" Nageshwar Jyotirlinga (best regards Gujarat Tourism) याम्ये सदंगे नगरेऽतिरम्ये विभूषितांगं विविधैश्च भोगैः। सद्भक्तिमुक्तिप्रदमीशमेकं श्रीनागनाथं शरणं प्रपद्ये॥ भावार्थ: जो दक्षिण दिशा (या आनर्त प्रदेश) के अत्यंत रमणीय 'सदंग' (दारुकावन) नामक नगर में विराजमान हैं, जिनका अंग विविध प्रकार के भोगों (नागों और भस्म) से सुशोभित है, जो एकमात्र सद्गुरु, मुक्ति और भक्ति प्रदान करने वाले ईश हैं, उन श्री नागेश्वर (नागनाथ) की मैं शरण लेता हूँ। "शंकराचार्य" नागेश्वर ज्योतिर्लिंग:पौराणिक पृष्ठभूमि और 'द...
आस्था दर्शन: भारतीय मंदिरों का गौरवशाली इतिहास, ज्योतिर्लिंगों के रहस्य और सनातन धर्म की पावन कथाओं का संगम। अध्यात्म की एक दिव्य यात्रा।