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बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग: इतिहास, पौराणिक कथाएँ और दर्शन की संपूर्ण जानकारी

बाबा वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग "देवों के घर 'देवघर' की पावन धरा पर, जहाँ प्रकृति स्वयं अपने सर्वोपरि श्रृंगार में प्रस्तुत होती है और हर कंकड़ में शिव का वास महसूस होता है, वहीं आरोग्य और कामना के दाता साक्षात् महादेव 'बैद्यनाथ' ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हैं। संताल परगना की सघन आम्रकुंजों और शांत, सुरम्य वादियों के आँचल में स्थित यह दिव्य धाम, भक्तों के लिए मोक्ष और शांति का वह पावन सरोवर है, जहाँ आत्मा सीधे परमात्मा से मिलती है। मंदिर की स्थापत्य कला की भव्यता देखते ही बनती है; आकाश को चूमता इसका धवल शिखर और उस पर शिव-शक्ति के अटूट संबंध का प्रतीक लाल रेशमी 'गठबंधन', प्रेम, भक्ति और अटूट श्रद्धा की एक अनुपम, अमर कहानी कहता है, जो सदियों से युगों-युगों तक गूँजती आ रही है।" भूमिका (Introduction) झारखंड के देवघर में स्थित श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग सनातन धर्म की अटूट आस्था का प्रतीक है। इसे 'कामना लिंग' के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि माना जाता है कि यहाँ आने वाले हर भक्त की मनोकामन...

श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग: इतिहास, पौराणिक कथा, रहस्य और यात्रा की पूरी जानकारी

श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग "नर्मदा की लहरों में बसा साक्षात 'ॐ': श्री ओंकारेश्वर।" "नर्मदा की पावन ने जहाँ स्वयं रचा 'ॐ' का आकार है, वहाँ आदिदेव ओंकारेश्वर के रूप में विराजे साक्षात करुणाकर हैं।" भूमिका (Introduction) मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पुण्यसलिला नर्मदा के तट पर स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारतीय अध्यात्म का जीवंत स्पंदन है। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में चतुर्थ स्थान पर विराजमान यह धाम अपनी अद्वितीय भौगोलिक स्थिति के लिए विश्व विख्यात है। यहाँ नर्मदा नदी दो धाराओं में विभक्त होकर एक द्वीप का निर्माण करती है, जिसका आकार अंतरिक्ष से देखने पर साक्षात 'ॐ' (Om) प्रतीत होता है। इसे 'मान्धाता पर्वत' या 'शिवपुरी द्वीप' भी कहा जाता है। अध्यात्म की दृष्टि से ओंकारेश्वर वह स्थान है जहाँ शब्द (ॐ), जल (नर्मदा) और ज्योति (शिव) एक साथ एकाकार होते हैं। पौराणिक उत्पत्ति ओंकारेश्वर की उत्पत्ति के विषय में शिव पुराण और स्क...