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काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग: इतिहास, पौराणिक कथा और कॉरिडोर की विस्तृत जानकारी

श्री विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग "काश्यां हि काशते काशी, काशी सर्वप्रकाशिका।" अर्थात काशी में ब्रह्म स्वयं प्रकाशित होता है और काशी ही सबको प्रकाशित करने वाली है। संसार की सबसे प्राचीन, जीवंत और आध्यात्मिक नगरी काशी (वाराणसी) के हृदय में विराजमान 'काशी विश्वनाथ' केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति की आत्मा और साक्षात शिवत्व का प्रतीक हैं। गंगा के पावन तट पर स्थित यह ज्योतिर्लिंग 'विश्वेश्वर' के रूप में संपूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी के रूप में पूजित है। यह वह स्थान है जहाँ काल भी ठहर जाता है और मृत्यु भय नहीं, बल्कि मोक्ष का द्वार बन जाती है। विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग: परिचय और आध्यात्मिक स्वरूप भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में काशी विश्वनाथ का स्थान अद्वितीय है। 'विश्वनाथ' का अर्थ है 'विश्व के नाथ' या 'ब्रह्मांड के स्वामी'। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, काशी शिव के त्रिशूल पर टिकी हुई है, जिसका प्रलय काल में भी विनाश नहीं होता। इसे 'अविमुक्त क्षेत्र' कहा जाता है, जिसका अर्थ है व...