श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग "सह्याद्रि की उत्तुंग शिखा, डाकिनी वन का पावन धाम। विराजे जहाँ स्वयं महादेव, भीमाशंकर है जिनका नाम।।" "भीमा की कल-कल धारा में, गूँज रहा शिव का ओंकार। भीमाशंकर के दर्शन से, होता भवसागर से बेड़ा पार।।" भूमिका (Introduction) भारत की आध्यात्मिक धरा पर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग केवल मंदिर मात्र नहीं हैं, बल्कि ये वे ऊर्जा केंद्र हैं जहाँ महादेव स्वयं प्रकाश स्तंभ के रूप में प्रकट हुए थे। इन्हीं में से एक, महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग (Bhimashankar Jyotirlinga) अपनी प्राकृतिक सुंदरता, प्राचीन वास्तुकला और असीम शांति के लिए विश्वविख्यात है। आज के इस विशेष शोध-आधारित लेख में हम भीमाशंकर के पौराणिक रहस्य, ऐतिहासिक वैभव और यात्रा से जुड़ी हर सूक्ष्म जानकारी पर विस्तार से चर्चा करेंगे। परिचय: भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का दिव्य स्वरूप भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को द्वादश ज्योतिर्लिंगों की गणना में छठा स्थान प्राप्त है। यह मंदिर महाराष्ट्र के पुणे...
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें